Oct 23, 2010

वैब सर्वर

वैब सर्वर को हम दो भागों में बांट सकते हैं.
1. वह मशीन जिस पर वैबसर्वर को स्थापित किया जाता है.
2.वो सॉफ्टवेयर जो वैब सर्वर की तरह काम करता है.
    यहाँ पर हम दूसरे वैब सर्वर की बात करेंगे.वैब सर्वर वह कम्प्यूटर प्रोग्राम है जो अपने क्लांइट से एच.टी.टी.पी. (HTTP) निर्देश ग्रहण करता है और उन निर्देशो पर प्रक्रिया कर बदले में उन्हे एच.टी.टी.पी. (HTTP) के अनुसार वैब पेज भेजता है.वैब सर्वर के क्लांइट्स को हम वैब ब्राउजर भी कहते हैं. तो वैब सर्वर सॉफ्टवेयर वह सॉफ्टवेयर है जो वैब पेज सर्व करता है अर्थात ऐसा सॉफ्टवेयर जो वैब पेजों को आप तक पहुंचाता है.सामान्यत: वे वैब पेज HTTP प्रोटोकॉल द्वारा आप तक पहुंचाये जाते है.किसी भी कंप्यूटर में आप वैब सर्वर का सॉफ्टवेयर स्थापित कर और उसे इंटरनैट से जोड़ कर आप उसे अंतरजाल पर वैब पेज प्रदान करने वाले वैब सर्वर में बदल सकते हैं.हम जो भी वैब पेज अंतरजाल पर देखते हैं वे हमारे पास किसी ना किसी वैब सर्वर के द्वारा ही पहुंचाये जाते हैं. यदि हम अपने कंप्यूटर पर केवल सॉफ्टवेयर स्थापित करें और उसे इंटरनैट से ना जोड़े तो भी वो पूरा वैब सर्वर है जो कि केवल स्थानीय रूप से (लोकली) आप के लिये काम करेगा.
    वैब सर्वर के प्रमुख लक्षण
    • एच.टी.टी.पी. (HTTP): हर वैब सर्वर अपने क्लांइट से एच.टी.टी.पी. (HTTP) निर्देश लेता है और एच.टी.टी.पी. (HTTP) निर्देश वापस देता है. एच.टी.टी.पी. (HTTP) एक तरह का प्रोटोकॉल है. इसका पूरा नाम है हाइपर टैक्स्ट ट्रांस्फर प्रोटोकॉल (Hyper Text Transfer Protocol). मुख्यत: वैब सर्वर जो निर्देश लौटाता है वह हटमल (HTML) में होते हैं लेकिन इसके अलावा वैब सर्वर डॉक्यूमैंट,चित्र,फोटो,वीडियो आदि भी भेज सकता है. यदि क्लांइट ने कुछ ऐसी चीज की मांग कि जो वैब सर्वर के पास नहीं है तो वैब सर्वर अपने क्लांइट को एक त्रुटि-संदेश (Error Message) भेजेगा.
    • लॉगिंग (Logging): हर वैब सर्वर अपने हर क्लांइट से संबंधित जानकारी अपने वैब लॉग में रखता है. जिसमें क्लांइट का आई.पी, उसके द्वारा मांगी गयी जानकारी आदि होती है. यह आंकड़े वैब सर्वर के मालिक ( वैब मास्टर) के लिये बहुत काम के होते हैं.
    ऊपर वाले दो लक्षण किसी भी वैब सर्वर में होने आवश्यक हैं लेकिन इसके अलावा भी वैब सर्वर में कुछ और विशेषताऐं होती है. जो लगभग सभी वैब सर्वर में पायी जाती हैं लेकिन उनका प्रयोग करने का तरीका हर सर्वर में अलग अलग हो सकता है.
    • एच.टी.टी.पी.एस. (HTTPS): सामान्यत: कोई भी वैब सर्वर क्लांइंट को अपने पोर्ट 80 में ही कनेक्ट करने की अनुमति देता है. लेकिन सुरक्षा के लिये वैब सर्वर में एस.एस.एल. या टी.एस.एल सपोर्ट होता है जो क्लांइंट को वैब सर्वर के पोर्ट 443 में कनेक्ट करता है.
    • सत्यापन (Authentication): आप वैब सर्वर के द्वारा अपने क्लांइट को सत्यापित भी कर सकते हैं अर्थात आप उन्ही क्लांइट के निर्देश ले सकते हैं या उन्हे दे सकते हैं जिन्हे आपने किसी भी सत्यापन विधि से सत्यापित कर लिया है.जैसे कि यूजर-नेम और पासवर्ड.आप चाहें तो आप अपने वैब सर्वर की केवल चुनिंदा सामग्री या फिर पूरी सामग्री के लिये ऐसा कर सकते हैं. 
    • कंप्रेशन: कभी कभी आपके क्लांइट आपके वैब सर्वर पर रखी कुछ ऐसी सामग्री मांगते हैं जिसका आकार (साइज) काफी ज्यादा होता है तो ऐसी स्थिति में बैंडविड्थ बचाने के लिये वैब सर्वर उस सामग्री को कंप्रेस कर उसे छोटे आकार में परिवर्तित कर देता है. 
    • वर्चुअल होस्टिंग: अधिकतर वैब सर्वर वर्चुअल होस्टिंग की सुविधा देते हैं. वर्चुअल होस्टिंग वह है जिसमें एक ही आई.पी एड्रेस के द्वारा एक से अधिक साइट्स को वैब सर्वर पर स्थापित किया जाता है.
    अधिकतर वैब सर्वर स्टैटिक सामग्री और डायनामिक सामग्री दोनों को भेजने में सक्षम होते हैं. स्टैटिक सामग्री वह सामग्री जो कि पूर्व निर्धारित है जैसे किसी कंपनी के बारे में जानकारी या कोई डॉक्यूमेंट. डायनामिक सामग्री वह सामग्री है जो क्लांइट के अनुसार, समय के अनुसार या फिर किसी और आधार पर बदलती रहती है. जैसे यदि मैं अपने शहर के ही समाचार देखना चाहूं तो मुझे केवल अपने शहर के समाचार ही दिखेंगे.

    वैब सर्वर के लिये आजकल बहुत से सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जैसे माइक्रोसोफ्ट का आई.आई. एस.(Microsoft IIS) , अपाची (Apache) ,गूगल का जीएफी (GFE by Google), नैटस्केप (Netscape)आदि.इनमे से कुछ कॉमर्शियल सॉफ्टवेयर हैं तो कुछ मुफ्त.अपाची मुफ्त और मुक्त सॉफ्टवेयर है और अंतरजाल पर उपस्थित बहुत सी साइट्स इसी पर स्थापित हैं.

    नैटक्राफ्ट द्वारा अप्रेल 2008 में कराये गये सर्वे के अनुसार अपाची और आई.आई.एस. मे ही मिलकर करीब 85% वैब साइट चल रही हैं जिसमें अपाची का प्रतिशत करीब 50 प्रतिशत है. 
    • अपाचे (Apache): ८३२०६५६४ वेबसाइट्स (५०.२२%)
    • IIS (Microsoft): ५८५४०२७५ वेबसाइट्स (३५.३३%)
    • GFE (Google ): १००७५९९१ वेबसाइट्स (६.०८%)
    आभारी तकनीक.काम