Sep 8, 2011

भविष्य के ऑपरेटिंग सिस्टम

हालांकि यह अभी कुछ दूर की बात है, लेकिन सभी कम्प्यूटरों का क्लाउड के माध्यम से बूट होना भविष्य में लगभग संभव लग रहा है। कुछ माह पूर्व जब गूगल ने क्रोम जी आर 7.48 नोटबुक टेस्टिंग के लिए दी थी तो सभी को क्लाउड पर सेव करने का तरीका और एंड्रॉयड डिवाइस द्वारा उस कंटेंट को प्राप्त करने की विधि पसंद आई थी। कम्युनिकेशन तकनीकों में दुत विकास और इन सेवाओं के चारों ओर फैलने से जल्दी ही यह संभव होगा कि हम अपने कम्प्यूटर इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (आईएसपी) के एक क्लाउड से बूट कर सकें।
  • क्लाउड बूट्स: अब जबकि एपल अपनी मैकबुक एयर और मैक मिनी प्रोडक्ट लाइन पर वाई‚फाई से ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉलेशन (ओएस) लेकर आया है तो यह कल्पना करना भी दूर नहीं रहा कि आपकी नेटबुक अपना ओएस आपके आईएसपी डाटा कनेक्शन के जरिए करेगी। एपल द्वारा हाल में एक पेटेंट फाइल किया गया है, जिसमें एक नेटवर्क कम्प्यूटर सिस्टम में एक सर्वर और अनेक क्लाइंट होंगे। विभिन्न क्लाइंट सर्वर के माध्यम से अपना 'ऑपरेटिंग सिस्टम` प्राप्त करेंगे, जो कार्य किसी एक क्लाइंट के माध्यम से पूर्ण होगा। तो क्या यह एक नए युग की शुरूआत है? शायद। एपल का कहना है कि ओएस 'एक कम्प्यूटर प्रोगाम प्रोडक्ट की तरह डाउनलोड हो सकेगा, जिसमें प्रोग्राम को एक दूर रखें कम्प्यूटर (यानी सर्वर) से एक प्रार्थी कम्प्यूटर (यानी क्लाइंट) को डाटा सिग्नलों में ट्रंसफर किया जाएगा, जो कि एक कैरियर वेव या अन्य माध्यम यानी एक कम्युनिकेशन लिंक से होगा। इस पेटेंट के बाद जाहिर है कि यूजर के पीसी पर पकड़ संबंधी जंग तेज होगी और वह दिन दूर नहीं, जब आपको आपका ओएस किसी एक नेटवर्क कनेकशन के जरिए मिलेगा । 
  • टू इन वन: आज 'रैम` का मतलब 'मैमोरी` और 'डिस्क` का मतलब 'स्टोरेज` से समझा जाता है। अब इसमें कई बाइट (एक बिट का आठ गुना) अंतर आएगा। ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) में ग्राफिक्स कार्ड में 1024 प्रोसेसर्स होते हैं। अनेक सीपीयू की बजाय ग्राफिक प्रोसेसरों पर अधिक तेजी से चलती हैं। दस से पंदह वर्षों में हमारी मशीनों पर अपना निजी मौसम भविष्यवक्ता, स्वास्थ्य सहायक और पूर्ण सोशल प्लानर होगा, जो ओएस संचालित होगा।
  • मैमरिस्टर: एचपी ने सफलता पूर्वक एक कामकाजी 'मैमरिस्टर ' का प्रोटोटाइप तैयार किया है, जो मेमोरी चिप्स में सूचना संजोए रखता है। एक मैमरिस्टर पास होने वाले करंट के अनुसार अपनी रेजिस्टेंड बदलता है। इसी आधार पर सूचना स्टोरेज संभव होता है। तो जैसे ही नई तकनीक वाले सकिट मार्केट में पहुंचेगे, सॉप्टेयर निर्माता उसकी दिशा में दौड़ लगाएंगे। मैमरिस्टर युक्त बेहतर हाई‚डेन्सटी वाली चिप के कारण रैम जल्द ही अपनी महत्ता खो देगी, चूंकि मैमरिस्टर चिप डीरैम या डायनेमिक रैम जितनी एक्सेस स्पीड मुहैया कराती है। इससे ओएम में रैम और एचडीडी सरीखी विशाल स्टोरेज क्षमता बनेगी। एचडीडी आर रैम एक ही यूनिट में होने पर बूटिंग टाइम असाधारण तौर से तेज हो जाएगा जैसे 0.35 सेकेंड। कम्प्यूटर बंद करने का इतना कम समय कि उसे शटडाउन करने की भी जरूरत नहीं रहेगी। यह तकनीक वोलेटाइल (कम्प्यूटर बंद करने पर खो जाने वाली मेमरी) और नॉन‚वोलेटाइल स्टोरेज (कम्प्यूटर में बनी रहने वालीं स्थायी मेमरी) के बीच की कमी को पाट देगी।
  • सेमांटिक डेस्कटॉप: हालिया ओएस नेट सर्फिंग में भी खास बेहतर साबित हुए हैं, लेकिन भविष्य में हमारे सामने सेमांटिक डेस्कटॉप होंगे, जो सिस्टम में स्टोर फाइलों की महत्ता समझने लायक होंगे। वह अपने इस्तेमालकर्ता की जरूरतों को पहचान कर उसी अनुरूप कार्य करेंगे। अपनी जरूरत की जन्मतिथि आदि आप एक आइकन दबा कर प्राप्त कर सकेंगे। आप संगीत से सजी कोई तस्वीर एक स्लाइड‚शो के साथ भेज सकेंगे। जो तस्वीरें आप चाहेंगे, वह आपके सोशल नेटवर्किंग अकाउंट पर डिस्प्ले हो जाएंगी। इसके बाद आपको स्लाइ शो के लिए मीडिया एडिटिंग प्रोग्राम प्रस्तुत किया जाएगा। इस सबके लिए ओएस फाइलों के डाटा को मेटाडाटा के तौर पर सिस्टम के अनेक अंशों के साथ सर्च और इंटरलिंग बनाने के लिए जोड़ेगा वह इस्तेमालकर्ता की जरूरत का आकलन करेगा। यह सब सोशल और सेमांटिक वेब में अच्छी तरह से नत्थी होगा।
  • थ्रीडी का एयर डिस्प्ले: थ्रीडी वाले ओएस आपकी भविष्य संबंधी इंदी को खासा आंदोलित करेगा (आयरन मैन फिल्म में बेशक इसे कुछ सरल तरीके से दिखाया गया हो) हम सचमुच हवा में तस्वीरें बनाने की बात कर रहे हैं। विडोज 7 में यह पारदर्शिता और बात दिखती है, कॉम्पिज में भी थ्रीडी क्षमता है। तो फर्ज कीजिए कि आप कम्प्यूटर को अपनी फोटो एलबम दिखाने का हुम्म सुनाते हैं और आपको वह हवा में सभी तस्वीरें दिखा देता है, उसकी क्रीन पर नहीं। इस तकनीकी में लेजर‚निर्मित प्लाज्मा तकनीक को हवा में प्लैश‚प्वाइंट दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेजर बीम्स, चमक, कंट्रास्ट में गुणवत्ता सुधार कर उन्हें एडजस्ट किया जाता है यह तकनीक हवा में थ्रीडी इमेल बनाने की क्षमता रखती है। इस क्षेत्र में सबसे सफल परियोजनाओं में से है जापान की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी (ए आईएसटी)।
आभारी इलेक्ट्रानिकी आपके लिए