Aug 20, 2012

स्वयंवर - अध्याय छः

अम्बा की बातों से परेशान आमात्य हस्तिनापुर के सीमा पर बसे खंडव प्रदेश पहुँचते हैं जहाँ उनकी मुलाकात भीष्म के चाचा बाह्लीक से होने वाली होती है किन्तु हो नहीं पाती. आमात्य सोचते हैं कि बाह्लीक को सारी बातें साफ़ साफ़ बता दी जाए. वहीँ वे नागों के इतिहास के बारे में भी जानते है. अगले दिन बाह्लीक से सारी बातें बताने का वो निश्चय करते हैं. अगले दिन बाह्लीक से मिलने पर क्या होता है? ये हम अगले अध्याय में देखेंगे. 

"मुझे तो आशंका हो रही है. इतना सब होने के बाद भी इन्होने हमारा कितना ख्याल रखा है. मुझे लगता है इस सब की कसर हस्तिनापुर में पूरी होगी. अब तक तो उन्हें सारी चीजों की जानकारी मिल हीं चुकी होगी. पता नहीं क्यों मुझे कुछ संदेह हो रहा है कि पता नहीं हस्तिनापुर में क्या होने वाला है.”

... इसी अध्याय से ...