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Wednesday, August 29, 2012

स्वयंवर - अध्याय पन्द्रह

भीष्म अम्बा का हरण कर उसे सौभ देश ले जाते हैं. अम्बा को ये समझ में नहीं आता कि भीष्म उसे यहाँ किस लिए लेकर आये हैं. जो कुछ भी घटित हो रहा होता है वो अम्बा की समझ से बाहर है. वो भीष्म पर अपना क्रोध निकलती है जिसके बाद भीष्म अम्बा को सत्य बताते हैं. सत्य जानने के बाद अम्बा के मन में भीष्म के लिए सम्मान बढ़ जाता है. ऐसा क्या कारण था कि भीष्म अम्बा को सौभ देश लेकर आये? ये हम अगले अध्याय में देखेंगे. 

“अम्बा ने जब भीष्म को इस प्रकार हाथ जोड़े देखा तो आवेग में उसने आगे बढ़ कर भीष्म के हांथों को पकड़ लिया. तुरंत हीं उसे समझ में आ गया कि उससे गलती हो गयी है. उसने वापस पीछे हटते हुए कहा “इस प्रकार क्षमा मांग कर आप मुझे लज्जित न करे. आप जैसा चाहेंगे मैं वैसा हीं करुँगी.” 

... इसी अध्याय से ...

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