Sep 11, 2012

स्वयंवर - अध्याय सत्रह

भीष्म वापस हस्तिनापुर पहुँचते हैं जहाँ उनका भव्य स्वागत होता है. सभी लोग उनसे इस विलम्ब का कारण पूछते हैं विशेषकर माता सत्यवती. भीष्म उन्हें सारी बातें बताते हैं. वहाँ पहुंचकर भीष्म सत्यवती को विचित्रवीर्य के विवाह का प्रस्ताव देते हैं जिसे सत्यवती स्वीकार कर लेती है. भीष्म विचित्रवीर्य का विवाह अति शीघ्र करना चाहते हैं और इसी लिए वे तुरंत उसके विवाह की तैयारियां शुरू कर देते हैं. सत्यवती उससे अम्बा के बारे में भी पूछती है और भीष्म उन्हें बीती घटनाओं के बारे में बताते हैं. इससे आगे अगले अध्याय में. 

“समस्या? अरे वो तो विवाह के लिए तैयार बैठा है. मुझे तो लगता है जैसे वो केवल तुम्हारे आने की प्रतीक्षा हीं कर रहा है. जाओ मिलो उससे और पूछो कि वो किससे विवाह करना चाहता है? मुझे पूर्ण विश्वास है कि वो उन दोनों में से किसी को निराश नहीं करेगा.” ये कहते हुए बहलीक फिर मुस्कुराने लगे.” 

... इसी अध्याय से ...